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Thursday, June 28, 2018

उत्तर प्रदेश महाराजगंज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से समायोजन निरस्त होने के बाद 1825 शिक्षामित्र मूल विद्यालय पर लौटेंगे



उत्तर प्रदेश :महाराजगंज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से समायोजन निरस्त होने के बाद 1825 शिक्षामित्र मूल विद्यालय पर लौटेंगे का आदेश बुधवार  बीएसए जगदीश शुक्ल ने जारी कर दिया। वहीं इस आदेश से प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारी खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि शिक्षामित्रों को विकल्प या फिर पारस्परिक स्थानांतरण के तहत उनके नजदीक विद्यालय पर तबादला किया जाए लंबी लड़ाई के बाद सपा शासन काल में दूरस्थ बीटीसी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को दो चरण में 31 जुलाई 2014 व 11 मई 2015 को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया गया था मामला कोर्ट में लंबित देख कई समायोजित शिक्षक पद से त्यागपत्र देकर सहायक अध्यापक की भर्ती प्रक्रिया में नियुक्त हो गए। पर जिले में अब भी 1825 शिक्षामित्र हैं जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रभावित हुए हैं।

महिला शिक्षामित्रों को विकल्प के आधार पर विद्यालय आवंटित था। पुरुष शिक्षामित्रों को रोस्टर के हिसाब से विद्यालय पर तैनात किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2017 को शिक्षामित्रों के समायोजन को निरस्त कर दिया इसके बाद शासन ने शिक्षामित्रों को मूल पद पर लौटने का आदेश जारी कर मानदेय दस हजार रुपया निर्धारित कर दिया। इस आदेश से प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारी संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि इस आदेश से महिलाएं प्रभावित होगी। इसके स्थायी समाधान के लिए महिलाओं को पारस्परिक स्थानांतर के माध्यम से शिक्षामित्रों को विद्यालय आंवटित किया जाए।

प्रतापगढ़ , सिद्धार्थनगर व गोरखपुर जनपद के अलावा अन्य कई जिलों में शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय पर भेजने का आदेश जारी होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महाराजगंज ने भी बुधवार को आदेश जारी कर दिया शासन के निर्देश पर शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय पर भेजने का आदेश जारी कर दिया गया है। शिक्षामित्र अपने तैनाती वाले ब्लॉक के बीईओ से कार्यमुक्त होकर उन विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करेंगे जहां उनको शिक्षामित्र नियुक्त किया गया है। यह जानकारी जगदीश शुक्ल,बीएसए महाराजगंज ने दी है।


शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय पर भेजने के आदेश से प्राथमिक शिक्षामित्र संघ संतुष्ट नहीं है। इससे महिलाएं प्रभावित होंगी। महिलाओं को डेढ़ दशक पहले तब शिक्षामित्र के रूप में नियुक्ति मिली थी जब उनकी शादी नहीं हुई थी। स्थायी समाधान के लिए विकल्प या फिर पारस्परिक स्थानांतरण के माध्यम से शिक्षामित्रों को विद्यालय आवंटित किया जाए राधेश्याम गुप्त,जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षामित्र संघ उत्तर प्रदेश

ब्यूरो रिपोर्ट आज की सत्ता  by dpsk

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