CAA पर कांग्रेस से लेकर सभी विपक्षी दाल ना खुश....टाइमिंग को लेकर उठा रहे सवाल - NATION WATCH - बदलते भारत की आवाज़ (MAGZINE)

Latest

Advertise With Us:

Advertise With Us:
NationWatch.in

Search This Blog

Breaking News

धर्म के नाम पर आरक्षण संविधान संवत नहीं- केंंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह*CISF के हवाले होगी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा, रिपोर्ट तैयार*अमित शाह एडिटेड वीडियो मामले में जांच के लिए 6 राज्यों में रवाना हुईं दिल्ली पुलिस की टीमें*उत्तराखंड: बारिश से बुझी कुमाऊं इलाके के जंगलों में लगी आग*बिहार: भागलपुर में एनएच-80 पर सड़क हादसा, 6 लोगों की मौत*गुरुग्राम STF और दिल्ली पुलिस का ज्वाइंट ऑपरेशन, लॉरेंस गैंग के 2 शूटर गिरफ्तार*पश्चिम बंगाल: बशीरहाट से BJP प्रत्याशी और संदेशखाली की पीड़िता को मिली X कैटेगरी की सुरक्षा*5 मई को अयोध्या में रोड शो करेंगे पीएम नरेंद्र मोदी || [Nation Watch - Magazine - Title Code - UPHIND-48906]

Nation Watch


Tuesday, March 12, 2024

CAA पर कांग्रेस से लेकर सभी विपक्षी दाल ना खुश....टाइमिंग को लेकर उठा रहे सवाल

CAA पर कांग्रेस से लेकर सभी विपक्षी दाल ना खुश....टाइमिंग को लेकर उठा रहे सवाल

CAA नोटिफिकेशन पर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, "क्रोनोलॉजी समझिए, समय देखिए। तारीखों का ऐलान होने वाला है, 2024 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और सरकार अचानक इसे अधिसूचित करने के बारे में सोचती है। 5 साल तक सरकार क्या कर रही थी? इसे पहले क्यों नहीं लाया गया? इसीलिए हम कहते हैं, सरकार चुनाव से पहले ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है। वे विकास के मोर्चे पर विफल रहे हैं... उनके पास सवालों के जवाब नहीं हैं... हमने पहले भी इस पर आपत्ति जताई थी और आज भी कहते हैं कि यह कानून असंवैधानिक है... हमें इस पर आपत्ति है।"

गुवाहाटी: CAA अधिसूचना पर असम कांग्रेस विधायक अब्दुर रशीद मंडल ने कहा, "इस अधिनियम का पहले ही सभी राजनीतिक दलों द्वारा विरोध किया जा चुका है - संसद के अंदर और उसके बाहर... यह पूरी तरह से भेदभावपूर्ण अधिनियम और असंवैधानिक है क्योंकि सरकार धर्म के आधार पर नागरिकता देने की कोशिश कर रही है जो भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत स्वीकार्य नहीं है... इसका पूरे देश के साथ-साथ असम में भी विरोध हुआ है...''

अधिसूचना पर कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा, "इस नियम को लाने में उन्हें 4 साल और 3 महीने लग गए। विधेयक दिसंबर 2019 में पारित किया गया था। 3-6 महीने के अंदर कानून बन जाना चाहिए था। मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से नौ एक्सटेंशन मांगे और कल रात नियमों को अधिसूचित करने से पहले 4 साल और 3 महीने का समय लिया। ये सिर्फ ध्रुवीकरण के लिए हैं- बंगाल और असम में चुनावों को प्रभावित करने के लिए। अगर वे इसे ईमानदारी से कर रहे थे तो वे इसे 2020 में क्यों नहीं लाए? वे इसे अब चुनाव से एक महीने पहले ला रहे हैं। यह हेडलाइन मैनेजमेंट है... यह सामाजिक ध्रुवीकरण की रणनीति है..."

गुवाहाटी, असम: CAA अधिसूचना पर ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक यूथ फ्रंट(AIUDYF) के अध्यक्ष जहरुल इस्लाम बादशाह मे कहा, "यह एक सांप्रदायिक अधिनियम है। हम शुरू से ही इसका विरोध करते आये हैं और आगे भी करते रहेंगे... हमारी पार्टी इसका विरोध करती है। इसके जरिए देशभर में सांप्रदायिक भावनाएं फैलाई जा रही हैं। यह असम की भाषा और संस्कृति को खत्म करने का प्रयास है... हम असाम के निवासी होने के नाते इसका विरोध करते हैं।"


तिरुवनंतपुरम, केरल: CAA लागू होने पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, ''...मैं इसे नैतिक और संवैधानिक रूप से गलत मानता हूं... मैं इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के फैसले का पूरी तरह से समर्थन करता हूं और मैं यह कहता हूं कि अगर INDIA गठबंधन और कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो हम बिना किसी संदेह के कानून के इस प्रावधान को वापस ले लेंगे। यह हमारे घोषणापत्र में होगा। हम नागरिकता और राष्ट्र के भविष्य में धर्म को शामिल करने का समर्थन नहीं करेंगे..."







No comments:

Post a Comment

If you have any type of news you can contact us.

AD

Prime Minister Narendra Modi at the National Creators' Awards, New Delhi

NATION WATCH -->